हल्द्वानी के पर्वतीय मोहल्ले से सभी को सलाम!
मैं हंसते हंसते दम तोड़ देता अगर मुझे रोना न आता - अमित श्रीवास्तव की कविता
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हेनरी रूसो की पेंटिंग 'हॉर्स अटैक्ड बाई अ जगुआर' अमित श्रीवास्तव की कविता
की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वह एक साथ अनेक परतों और आयामों पर काम करती जाती
है - कई...
7 years ago

4 comments:
स्वागत है, लिखते रहिये. हल्द्वानी की शीतलता यहां मिले ऐसी आशा है. संपर्क मे रहिये.
शुभकामनायें.
स्वागत है। लिखते रहिए। कृपया वर्ड वैरिफिकेशन हटा दें
swagat hai apka blog jagat mai
आज आपका ब्लॉग देखा... बहुत अच्छा लगा. मेरी कामना है की आपके शब्द नयी ऊर्जा और व्यापक अर्थों के संवाहक बन कर जन सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति का माध्यम बनें.
कभी समय निकाल कर मेरे ब्लॉग पर पधारें-
http://www.hindi-nikash.blogspot.com
सादर-
आनंद कृष्ण, जबलपुर.
ps: ek baat puchh rahaa hun-? delhi men central translation bureau men ek Mr. Thakur Singh Bhakuni the jo pushp vihar men rahte the, unse related hain kya aap-?
a.
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